Do Epic Shit Book PDF in Hindi

Do epic shit book pdf in hindi: आज हम बात करने वाले है बहुत ही पॉपुलर  and best selling book Do epic shit by Ankur Warikoo| यह book हमे ankur warikoo की लाइफ में आये failure and उनकी mistake बताती है जिससे हम बहुत कुछ सीख सकते है और उन गलतियो को अपनी लाइफ में repeat करने से बचे| यह बुक जो हमारी लाइफ में होने वाली उन गलतियों पर हैं जिसे हम जानबूझकर या अनजाने में करते आ रहे हैं इस बुक के author ने अपनी लाइफ में सैकड़ों failure  देखे हैं|  

जिनका नाम ankur warikoo वह एक content creator, author and Entrepreneur  है|  उन्होंने जो book  लिखी है उसमे वही  सक्सेसफुल होने का सही मतलब समझाया हैं| इस बुक में six ऐसे chapter को कवर किया गया है जिसे हमने समय रहते हुए नहीं समझा तो समय हमारे लिए मुश्किल होता चला जाएगा |

Do epic shit book pdf in hindi

Chapter one: Success and failure– author  कहते हैं कि sucess  के साथ मेरा relationship काफी हद तक कई सारी फिल्मों से जुड़ा है और मेरे ख्याल से इन्हीं नाकामयाबियों की वजह से मैं एक सक्सेसफुल ब्रैंड बन पाया इसलिए सक्सेस को समझने से बेहतर यह है कि कि हम अपने करियर बनाकर खुद को सक्सेस की ऊँचाई पर ले जाएं क्या आपने कभी सोचा है कि Hussain Bolt सिर्फ स्टेट ट्रेनर क्यों बन पाया क्या उनके पास लंबी हाइट है इसलिए नहीं, bolt  और हम में कितना फर्क है कि उसने कभी हार नहीं मानी जबकि दौड़ते वक्त वो 1000 बार गिरा होगा| 

दुनिया में जीतने भी इस लोग सक्सेसफुल बने भी हैं उन सबके पास एक चीज़ की हमेशा कमी रहेंगी और वो है वक्त तो 24 घंटे से ज्यादा आपको नहीं मिलेंगी लेकिन उन्होंने इन घंटों को proper way में इस्तेमाल किया है और शायद आप ये सोच रहे होंगे कि उसके लिए हमें क्या पता बस आपको अपनी लिमिट को ब्रेक करना होगा और सबसे पहले खुद के बारे में जानो की आपने कितनी capacity  या कहें काबिलियत है| 

वरना वक्त किसी के लिए नहीं रुकता और ये आगे जाकर अपने पीछे दो चीजें छोड़ सकता है पहला regret  and दूसरा result सालों बाद आप ये सोचती रह जाओ काश मैंने वो environemnt  छोड़ दिया होता जिसने मुझे emotionally  बाद कर रखा था| हम प्रॉब्लम को छोड़ नहीं सकते  हैं मगर हम problem पे respond करना चूज कर सकते हैं| 

आप को एक formula crack करना होगा आपको इसमें perfection  के पीछे कभी नहीं भागना है वैसी चीजें क्यों करना है जो आप कभी नहीं बन पाओगे| 

प्रॉब्लम्स के बाद खुश रहते हैं तो दुनिया तुम्हें खुश रहने में हेल्प करती जाएगी वैसे हम तो प्रॉब्लम्स को choose  नहीं करते हैं मगर हम प्रॉब्लम्स से respond  करना चूज कर सकते हैं|  आपकी काम से ही आपकी पहचान होती है ना जो आप कहते हो उससे कामयाब होने के लिए या उन भीड़ से अलग होने के लिए जो सही वक्त के इंतजार में अपने पूरे वक्त गुजार रही है | 

Chapter two: Habits वे कहते हैं कि बचपन से मुझे habits build करना बेहद पसंद था लेकिन आप यकीन नहीं मानोगे की मैंने इसके लिए कभी goal  सेट नहीं किए थे क्योंकि जब आप गोल सेट करते हो तो उसमें आपका सारा फोकस डेस्टिनेशन पे होता है और बाकी चीजें फिर बोरिंग लगने लगती है जबकि हमारा फोकस और इस process  को enjoy  करना चाहिए| 

ज्यादातर लोगों को सिर्फ एक है  habits build करने में सबसे ज्यादा प्रॉब्लम होती है वो है सवेरे उठने की और शायद आप जानते होंगे कि दुनिया के जीतने भी सक्सेसफुल लोग है वो मॉर्निंग में जल्दी उठना पसंद करते हैं लेकिन बात ये नहीं है की वो जल्दी उठते हैं पहली बात तो ये है की वो सही वक्त पे सो भी जाते है और अगर आप सही 

टाइम पे सोते हो तो आपको किसी अलार्म की जरूरत नहीं पड़ेगी| अब कई सारे लोग ये भी question  कर सकते हैं कि हम सुबह उठकर करेंगे क्या देखो जब लोग बॉलीवुड या हॉलीवुड में हीरो नहीं बन पाते है ना तो वैसे लोग एक काम तो करते ही हैं खुद ही को अपना हीरो मान लेते हैं तो आपको भी अपनी लाइफ का हीरो खुद को मान लेना चाहिए और अगर नहीं मानते हो तो मान लो|  

एक चीज़ का खास ख्याल रखना टारगेट सेट नहीं करना क्योंकि मेरी नजर में ये टारगेट हैबिट्स का सबसे बड़ा enemy  है इसलिए टारगेट से ज्यादा तुम्हें अपनी हैबिट्स में काम करना है क्योंकि टारगेट सेट करने से हम उस पर्सन को कॉपी करने लगेंगे जैसे वो बन चूके हैं| तो उनसे बेहतर बनाने के लिए  habits set  करो ताकि तुम खुद की ओरिजिनल वर्जन बन पाओं|  

Chapter three: Awareness  author से जब लोग पूछते हैं कि आजकल के generation के लोगों को आप क्या advice  देना चाहेंगे तो उनका एक clear  cut  answer  होता है और वो कहते हैं कि तुम अपनी लाइफ में जो भी डिसीजन लेते हो वो ignorance  का नहीं बल्कि अवेयरनेस क्रियेट करने वाला होना चाहिए|  

इसलिए आज जो भी मेरा काम है वो सिर्फ कॉन्टेंट क्रिएशन का नहीं है बल्कि हमारे देश के generations  को ज्यादा अवेयर करने का है जिसकी हेल्प से आप बेहतर डिसीजन ले सकते हो|  

Chapter four: Entrepreneurship  author कहते है की यहाँ पर मैं आपको अंतर पर सिर्फ किताब डेफिनिशन नहीं बताऊँगा हालांकि ये हैरानी वाली बात है कि महज 11 की एज में मैं इस फील्ड में कूद गया था और अपनी दोस्त के साथ मिलकर एक कॉमिक रेटिंग स्टार्टअप की थी और 11 की age  में ₹11 कमाए थे| 

तो तभी से लेकर आज तक उस journey  में कई सारे गलतियाँ की हैं इन्हें mistakes और failure  से मैंने बहुत कुछ सीखा और खुद को grow  करता रहा जिससे मुझे इतनी सक्सेस मिली जिंदगी कभी नहीं मिली थी|  

Chapter five: Money  मैंने बचपन से ज्यादा पैसे नहीं देखे थे मतलब जो चीज़ अक्सर लोगों के साथ होता है उनकी लाइफ पूरी तरह कर्ज में डूबती चली जाती है और मेरे साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ था| लेकिन मेरी नजर में पैसे को लेकर बहुत बुरे थे और हमेशा से मैं ये समझ बैठा की लाइफ में जितनी भी परेशानियां हो रही है उनकी वजह पैसे  ही हैं, जबकि हमें सिर्फ बाहर निकलना नहीं सीखते है|  

ये कोशिश भी नहीं करते हैं कि पैसे को कैसे मैनेज किया जा सकता है मैं चाहता हूँ कि जो गलतियाँ मैंने की है वो आप ना करे:

  • मिस्टेक नंबर वन मैंने रियल एस्टेट बाइ करने के लिए लोन लिए इस उम्मीद में रहा कि जब प्रॉपर्टी की प्रतिष्ठा स्पीक से होगी तो उसकी प्रॉफिट से इंटरेस्ट भी पे कर दूंगा|  
  • नंबर टू जब भी मैंने एक्स्ट्रा कैश कमाए तो मैंने लोन चुकाने के बजाय उसे स्टार्टअप में इन्वेस्ट करता गया मुझे लगा था की ये मेरे पैसे को मल्टीप्लाई कर देगा|  
  • मिस्टेक नंबर थ्री बात इन्वेस्ट करने की आई है तो मैंने ज्यादातर स्टार्टअप और रियल एस्टेट में इन्वेस्ट किये थे जो एक illiquid  ऐसेट की जबकि स्टॉक एंड गोल्ड को इग्नोर करता गया, इसी वजह से जब भी लाइफ में टाइम आए तो मेरे पास पेपर cash  की बजाय रियल कैश नहीं था|  
  • मिस्टेक नंबर फ़ोर अपनी लाइफ स्टाइल को maintain  करने के चक्कर में क्रेडिट कार्ड के नंबर को बढ़ाता गया इसका रिज़ल्ट ये निकला कि मैं पूरी तरह से जाल में फंसता चला गया|  
  • मिस्टेक नंबर फाइव चुप्पी मार्केट में स्टॉक प्राइस ऊपर जाती तो फट से उस स्टॉक को buy  करता था इस लालच में की जल्दी पैसे बना पाएंगे और जैसे ही टूटने  लगता है तो पैनिक हो कर उसे sell  कर देता जबकि हमें इसका opposite  करना चाहिए था|  

Chapter six:  जब आपके Relationship  पहले ही बेहतर हो लेकिन मोस्ट ऑफ केसेस में ये पॉसिबल नहीं होता है लेकिन सवाल इस बात का है कि क्या आप अपने आप के दोस्त बन पाओगे या फिर खुद से शादी कर सकोगे तो हमारी लाइफ में कुछ चीजें हैं जो हमारे पास भी नहीं होता है और हमें हर बार अपने parents  के भरोसे नहीं रहना चाहिए जितना भी हो जाए पैरेंट होने से पहले वो इंसान हैं और इंसान से गलतियां होती हैं डिसीजन लेने के मामले में वो गलत भी हो सकती है| 

About do epic shit book in hindi pdf

Book Name do epic shit by ankur warikoo book pdf
Author Name Paulo Coelho
Format PDF
Size MB
Pages 172 pages
Language English and Hindi
Publication Harper publication

ankur warikoo book pdf

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